केंद्र सरकार ने वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना (वीपीबीवाई) की फिर से शुरुआत कर दी है। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन के अंतिम वर्षों में नियमित आय का इंतजाम करती है। इसके जरिए देश के वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 500 रुपए से लेकर 5,000 रुपए तक की पेंशन मिलेगी। हालांकि इस योजना का नाम भले ही वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना दिया गया हो, लेकिन इसमें बीमा जैसा कुछ भी नहीं है। दरअसल इस योजना में योजना धारक की ओर से दी गई प्रीमियम की राशि ही उसकी मौत के बाद उसके नॉमिनी को वापस कर दी जाती है।
साल 2014-15 के लिए आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जेटली ने इसका प्रस्ताव किया था। इससे पहले एनडीए की पिछली सरकार ने साल 2003-04 में यह योजना चलाई थी। पिछली बार की ही तरह इस बार भी इस योजना को चलाने की जिम्मेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को ही दी गई है। इस बार यह योजना 15 अगस्त 2014 से 14 अगस्त 2015 तक की सीमित अवधि के लिए खोली जाएगी।
क्या हैं इस योजना की अहम बातें
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नई सरकार की ओर से फिर से शुरू की गई इस योजना की अहम खासियतें इस तरह हैं-
=> यह योजना 60 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों के लिए होगी।
=> पेंशन मासिक, त्रैमासिक, छमाही और सालाना आधार पर मिलेगी।
=> बीमा खरीदने के तीन सालों बाद कर्ज लिया जा सकेगा।
=> कर्ज की राशि जमा प्रीमियम के अधिकतम 75 फीसदी तक हो सकती है।
=> व्यक्ति की मौत के बाद पूरी प्रीमियम राशि उसके नॉमिनी को वापस कर दी जाएगी।
=> योजना के तहत पेंशन का पेमेंट ईसीएस या एनईएफटी से होगा।
=> इसे खरीदने के लिए किसी मेडिकल जांच की जरूरत नहीं है।
कैसे काम करेगी यह योजना
यह योजना देश के बुजुर्ग लोगों को हर महीने एक निश्चित पेंशन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। साठ साल से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति इसे खरीद सकता है। आप जितनी अधिक पेंशन चाहते हैं, आपको उसी अनुपात में एकमुश्त प्रीमियम देना होगा। एक बार खरीद करने के बाद आपको जीवन भर वह तय पेंशन मिलती रहेगी। अगर कोई व्यक्ति हर महीने 500 रुपए पेंशन पाना चाहता है, तो उसे 68,725 रुपए जमा करना होगा। जिसे हर महीने 5,000 रुपए पेंशन चाहिए, उसे 6,87,265 रुपए जमा करने होंगे। आप अपनी सुविधा के हिसाब से चाहें तो तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर भी पेंशन ले सकते हैं।
दरअसल इस योजना के तहत योजना धारक को उनकी जमा राशि पर 9.38 फीसदी सालाना की दर से रिटर्न मुहैया कराया जाता है। इस योजना में मासिक आधार पर 9 फीसदी, तिमाही आधार पर 9.07 फीसदी और छमाही आधार पर 9.17 फीसदी रिटर्न दिया जाता है। लेकिन दिक्कत की बात यह है कि हर साल 5,000 रुपए से अधिक पेंशन लेने वाले लोगों का टीडीएस काटा जाएगा।
किसी भी बीमा योजना में प्रीमियम की राशि उसे लेने वाले व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करती है। लेकिन वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए प्रीमियम की राशि एक ही है। जिस व्यक्ति को हर साल 6,000 रुपए बतौर पेंशन चाहिए, उसे 65,936 रुपए प्रीमियम जमा करना होगा, चाहे उसकी उम्र 61 साल हो या 81 साल।
योजना के प्रावधान के अनुसार, किसी भी समय योजना धारक की मौत हो जाने की स्थिति में उसके नॉमिनी को वह पूरी राशि मिल जाती है, जो उसने योजना में शामिल होते समय जमा की थी। यानि अगर किसी व्यक्ति ने 6,87,265 रुपए जमा किए थे, तो उसके नॉमिनी को इतनी ही राशि मिलेगी। इस योजना में सम एश्योर्ड के तौर पर कोई राशि योजना धारक को देने का प्रावधान नहीं है, जो किसी भी बीमा योजना की मूल विशेषता होती है। आपको वही पैसे लौटा दिए जाते हैं, जो आपने शुरू में जमा किए थे।
(मनी भास्कर डॉट कॉम में प्रकाशित)